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टॉप 10 सफल Indian Entrepreneurs

Top Entrepreneurs Of India

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और पिछले कुछ दशकों में इसकी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। दुनिया भर में यह आबादी के मामले में चीन के बाद दुसरे नम्बर में स्थान पर है। हमारे देश में कई अरबपति बिजनेसमैन और Entrepreneurs बनें हैं जिन्होंने पूरी दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया है। यद्यपि भारतीय जनसंख्या में अभी भी बहुत गरीब हैं फिर भी हमारा देश Entrepreneurship और सम्पत्ति के मामले में आगे बढ़ता जा रहा है। आइये इस पोस्ट में देश के सबसे सफल Entrepreneurs के बारे में जानते हैं –

धीरुभाई अम्बानी

धीरूभाई अंबानी को धीरजलाल हिरचंद अंबानी के नाम से भी जाना जाता है (28 दिसम्बर 1932 से 6 जुलाई 2002)। धीरुभाई Reliance इंडस्ट्रीज मुंबई (1966) के फाउंडर हैं और अब उनके बेटे श्री मुकेश अंबानी और श्री अनिल अंबानी Reliance इंडस्ट्रीज के Chairman और Managing Director हैं। रिलायंस भारत की दूसरी सबसे अधिक Profitable कंपनी है और बाजार पूंजीकरण द्वारा भारत में दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी है। इन्होंने अपना कारोबार धार्मिक यात्रियों को स्नैक्स बेचकर शुरू किया था। ये एक ऐसे व्यक्ति हैं जो गरीबी से उठकर भारत के सबसे अमीर इंसान बनें।

धीरुभाई अम्बानी के 3 प्रेरणादायक विचार 

“बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे सोचो” क्योंकि विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है।

 

दृढ़ संकल्प और पूर्णता के साथ अपना काम करते जाइए, सफलता जरूर मिलेगी।

 

आपके अन्दर सपने देखने का जूनून होना चाहिए, सपने देखने की हिम्मत रखिए, क्योंकि सपने देखने की हिम्मत रखने वाले दुनिया जीत सकते हैं।

जे. आर. डी. टाटा

जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा यानी जे. आर. डी. टाटा Tata Group के फाउंडर हैं उन्होंने ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (भारत की सबसे बड़ी IT company), टाटा मोटर्स, टाइटन इंडस्ट्रीज, टाटा टी, वोल्टास और एयर इंडिया की शुरुआत की थी। उन्हें पद्म भूषण और भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चूका है। उनके द्वारा ही मुख्य रूप से सभी एम्प्लाइज के लिए वेलफेयर स्कीम्स की शुरुआत की गयी थी जिनमें मुख्य रूप से ये बातें शामिल थीं : 8 घंटों का ऑफिस, फ्री हेल्थ सुविधाएं, एक्सीडेंट स्कीम्स..आदि।

 

जे. आर. डी. टाटा के 3 प्रेरणादायक विचार –

 बिना गहरी सोच और कड़ी मेहनत के हम कुछ भी हासिल नहीं कर सकते

ज़िन्दगी को कुछ खतरनाक ढंग से जियो…

कम्पनी का प्रत्येक कर्मचारी अपनी कम्पनी के परिवार का हिस्सा है, कम्पनी की ज़िम्मेदारी है कि वह उसका ध्यान रखे।

एन. आर. नारायणमूर्ति

नारायणमूर्ति का जन्म 20 अगस्त 1946 को मैसूर कर्नाटक में हुआ। वे सॉफ़्टवेयर कम्पनी इन्फ़ोसिस टेक्नोलॉजीज के फाउंडर हैं। उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 1981 में Infosys की स्थापना की थी और देखते ही देखते यह सॉफ्टवेर कम्पनी आसमान की बुलंदियों पर पहुँच गयी। इन्हें भारत सरकार के द्वारा पद्मश्री से समानित किया जा चूका है।

 

नारायणमूर्ति के के 3 प्रेरणादायक विचार –

हमारी सम्पत्ति हर शाम दरवाजे से बाहर निकलती है, हमें सुनिश्चित करना होगा कि वह अगली सुबह तक वापिस आ जाए।

 

आदर, पहचान और पुरस्कार पर ही हमारा प्रदर्शन निर्भर करता है।

 

सफलता, चरित्र और अवसर का मेल होती है।

अज़ीम एच. प्रेमजी

अजीम प्रेमजी का जन्म मुंबई के एक गुजराती मुस्लिम परिवार में 24 जुलाई 1945 को हुआ था। इन्हें बहुत लोग भारत का बिल गेट्स भी कहते हैं। ये हमारे देश के सबसे धनि व्यक्ति में से एक हैं और एक सफल उद्यमी हैं। अज़ीम प्रेमजी आईटी कम्पनी विप्रो लिमिटेड के संस्थापक हैं। 1986 में इनके पिता एम. एच. प्रेमजी की मृत्यु हो गयी इसके कारण बीच में ही इन्होने पढ़ाई छोड़ दी। और 21 वर्ष की छोटी-सी उम्र में इन्होने अपने परिवार का कारोबार संभाला। सामाजिक कार्यों में इन्होने सराहनीय योगदान दिए जिस कारण इन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया। प्रेमजी समाजसेवा कार्यों में हमेशा से खड़े रहे हैं, इनकी संस्था ‘दि अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन’ गरीब बच्चों के लिए प्राथमिकता शिक्षा उपलब्ध कराने का काम करती है। विप्रो के चेयरमेन अज़ीम जी की खासियत यह है कि वे आज भी इकॉनमी क्लास में सफ़र करना पसंद करते हैं।

अज़ीम प्रेमजी के 3 प्रेरणादायक विचार –

मेहनत से कमाया हुआ एक रुपया अपनी क़दर व क़ीमत में उन दस रुपयों से बेहतर है जो हमें बिना प्रयास के मिल जाएं।

यदि लोग आपके लक्ष्यों पर हँस नहीं रहे हैं, तो इसका मतलब यह हैं कि आपके लक्ष्य बहुत छोटे हैं।

सफलता बहुत खुशी का कारण होती है लेकिन हमें इसे अपने ऊपर इस तरह हावी नहीं करना चाहिए कि वह अहंकार बन जाए।

 

लक्ष्मी मित्तल

लक्ष्मी मित्तल जी का जन्म 15 जून 1950 को शादलपुर चुरू राजस्थान में हुआ था। इन्होने 26 साल की उम्र में अपना स्टील मित्तल कारखाना खोला और उसे विश्व की सबसे बड़ी स्टील कम्पनी बनाई। लक्ष्मी मित्तल को पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चूका है।

 

लक्ष्मी मित्तल के 3 प्रेरणादायक विचार –

ज्ञान कुंजी है। आगे बढ़ने के लिए इस ज्ञान रूपी कुंजी का प्रयोग करें।

 

भेड़ चाल मत चलिए, अपने आपको बाकी लोगों से अलग कीजिए।

 

यदि आप आगे बढ़ना चाहते हैं तो कुछ अलग कीजिए, अपनी अलग पहचान बनाइए।

 

डॉ. वर्गीज कुरियन

इन्हें मिल्कमैन ऑफ़ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है । इनका जन्म 26 नवम्बर 1921 को कोजीकोड केरल में हुआ था। 90 वर्ष की उम्र में इनकी मृत्यु 9 सितम्बर 2012 को हुई। इन्हें श्वेत क्रांति का जनक भी कहा जाता है। दूध के व्यापार में इन्होने एक बहुत बड़ा बिजनेस मॉडल खड़ा किया। AMUL की सफलता का पूरा क्रेडिट डॉ. वर्गीज कूरियन को जाता है। इन्हें भारत सरकार की तरफ से पद्मभूषण से समानित किया जा चूका है। इन्होने कुछ किताबें भी लिखी थीं जो बहुत प्रसिद्ध हुई हैं।

डॉ. वर्गीज कुरियन के 3 प्रेरणादायक विचार –

 

आठ घंटे डेयरी के लिए, आठ घंटे परिवार के लिए और आठ घंटे सोने के लिए.” 

 

एक व्यक्ति जो समय का कभी सम्मान नहीं करता, वह जिंदगी में हमेशा थोड़ा ही प्राप्त करता है

 

हर व्यक्ति को सपने देखने का हक़ है ।

शिव नादर

शिव का जन्म 18 जुलाई 1945, को तीरचेन्दुर, तमिलनाडु में हुआ । वे भारत के सबसे प्रतिष्ठित कम्पनी HCL के संस्थापक हैं । इन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चूका है ।  वर्ष 1982 में अपने पहले पीसी के साथ HCL मार्केट में उतरा ।

 

शिव नादर के 3 प्रेरणादायक कथन 

किसी भी संस्थान की सफलता का मन्त्र यह होना चाहिए कि उन्हें अपने छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा दे सकें ।

 

व्यक्तिगत और सामाजिक परिवर्तन के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली उपकरण है, और हमें इसे सुविधाजनक बनाने के लिए जो कुछ भी करना है, उसे करना चाहिए

शिक्षा की तरह, स्वास्थ्य देखभाल को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

 

सुनील मित्तल

सुनील मित्तल जी का जन्म 23 अक्टूबर 1957 को पंजाब के लुधियाना जिले में हुआ था। ये भारत के सबसे बड़े टेलिकॉम कम्पनी एयरटेल के चेयरमैन हैं व भारती समूह के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। भारत सरकार ने इन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया है, व फार्च्यून पत्रिका ने एशिया बिजनेसमैन ऑफ़ दि ईयर से सम्मानित किया है।

 

सुनील मित्तल के 3 प्रेरणादायक कथन –

मेरे लिए, संबंध बहुत महत्वपूर्ण है। मैं पैसा खो सकता हूं, लेकिन मैं एक रिश्ता नहीं खो सकता। वार्तालाप या वार्ता के अंत में, दोनों मुस्कुराते हैं।

 

यदि आप सिर्फ लाभ कमाने के बारे में सोच रहे हैं तो ज्यादा ग्रोथ संभव नहीं है।

 

सभी उद्यमी निर्णय लेते हैं। कुछ सही हो जाएंगे, और कुछ सही नहीं होंगे।

 

आदि गोदरेज

आदि गोदरेज का जन्म 3 अप्रैल 1942 को मुंबई में हुआ था, वे गोदरेज बिजनेस के अध्यक्ष हैं। इन्हें Best entrepreneur of the year से सम्मानित किया जा चूका है, भारत सरकार ने इन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया है। देश के सबसे अमीर व्यक्तियों में इनका नाम शुमार है।

 

आदि गोदरेज के 3 प्रेरणादायक कथन –

एक अवसर होना चाहिए जो हमारी रणनीति के साथ मेल खाता हो। सिर्फ इसलिए कि हमारे पास एक अंतर है, हम कुछ भी और सब कुछ हासिल नहीं करना चाहते हैं। जो हम हासिल करते हैं वह हमारी रणनीति, मानव संसाधन और बाजार अपेक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

 

यह विश्वास करना एक गलती है कि प्रौद्योगिकी भारत के बाहर है। हम बहुत सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा करते हैं।

 

एक अच्छी मौद्रिक नीति मुद्रास्फीति अपेक्षाओं का पालन करती है न कि ऐतिहासिक संख्याओं।

घनश्यामदास बिड़ला

घनश्यामदास बिड़ला का जन्म 10 अप्रैल, 1894 में पिलानी, राजस्थान में हुआ था। ये बी. के. के. एम. बिड़ला समूह के संस्थापक थे। उनकी मृत्यु 11 जून 1983 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुई। 1957 में उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने हिन्दुस्तान मोटर्स की स्थापना की और कार के उद्योग में कदम रखा।

 

घनश्यामदास बिड़ला के 3 प्रेरणादायक कथन-

 

दुनिया में सभी खजाने बेकार है, जब तक कि आपके पास इसे साझा करने के लिए कोई व्यक्ति न हो।

 

गुलाब- सौंदर्य, और काटें- दर्दनाक होती हैं, जब दोनों एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते।

 

किसी की भावनाओं के साथ मत खेलो क्योंकि आप स्वयं के बारे में अनिश्चित हैं

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धन्यवाद 🙂

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