कर्तव्य पर नजर

                                              कर्तव्य > सफलता

आज Competition का generation है, हर जगह दौड़ लगी है। कई व्यक्ति इस दौड़

मेँ बार-बार Winner बन रहे है, बार-बार Successful हो रहे हैँ। तो कई

बार-बार हार रहे हैँ, बार-बार Fail हो रहे हैँ। लेकिन एक बात तय है कि वो

Winner होँ या फिर Failure लेकिन एक बात तय है कि वो जीतेँ या हारेँ, सफल

होँ या असफल होँ, वो उस Race का हिस्सा जरूर बन रहे हैँ। और ये

Competition तब तक चलती रहेगी जब तक कि आप अपनेँ जीत का सही मतलब न समझ

लेँ और आप तब तक इस दौड़ का हिस्सा बनेँ रहेँगे जब तक कि आप अपनीँ जिँदगी

का सही मतलब ना समझ लेँ।

मुझे पता है कि आप सब अपनी Life को Set करना चाहते हैँ, सबका का Target

अपनेँ Goal को हासिल करना ही है। और यदि Inshort words मेँ कहुँ तो आप सब

Successful बनना चाहते हैँ।

Successful बननेँ के लिए हर आदमी दिन रात एक कर दे रहा है, अपनी पूरी

मेहनत Success पानेँ के लिए झोँक दे रहा है।



एक व्यक्ति जो बचपन से ही पढ़नेँ लिखनेँ मेँ होशियार था। उसनेँ अपनेँ जीवन

मेँ एक Goal निर्धारित किया था कि वह बड़ा होकर एक Teacher बनेगा। जैसे

जैसे वो बड़ा होते गया, उसनेँ Teacher के Post के लिये परीक्षायेँ दिलाईँ

और वह Pass हो गया। अब वह एक शिक्षक के पद मेँ कार्यरत हो गया।

कुछ महीनेँ बीत गये, सब Student उस Teacher की पढ़ाई से बहूत खुश थे।

कि अचानक उस Teacher मेँ ऐसा परिवर्तन आया कि अब वो Class room जानेँ के

बजाय Staff room मेँ ही बैठा रहता।

और यदि Class जाता भी तो सिर्फ कुर्सी ही तोड़ता, और Student लोगोँ को कुछ

पढ़ाता भी नहीँ, जिसके कारण सभी Students उस Teacher को मन ही मन भला-बुरा

कहनेँ लगे।

जब भी वह शिक्षक गलियोँ मेँ चलता तो Students उसके Parents से कहते कि वो

हमारे एक फालतू Teacher जा रहे हैँ। इनको पता नहीँ कौन शिक्षक बना दिया,

कुछ तो पढ़ाते नहीँ बस सिर्फ Chair मेँ ही बैठे रहते हैँ।

वो Teacher अब students के दिलोँ से निकल चुका था।


Goal बनाना कोई बड़ी बात नही है, बल्कि अपनेँ Goal को बड़ी सोच के साथ

हासिल करना बड़ी बात है।

मैनेँ बहुत Students से पुछा कि आपका लक्ष्य क्या है, उनका जवाब था- कि

कोई Doctor, teacher, collector, police etc…

तो मैनेँ उनसे कहा कि आपकी सोच बिल्कुल सही है लेकिन अपनेँ Target को

थोड़ा सही तरीका देँ और आप ये सोचेँ कि आपको-

Doctor नहीँ बल्कि World का Best doctor बनना है।

आप उस सोँच को थोड़ा और Clear कर देँ कि आपको Cancer specialist World का

best Doctor बनना है।

Same process आपके सारे Goals मेँ कीजिये कि

आपको Teacher नहीँ World का Best physics Teacher बनना है।

सभी Goals को इस तरीके से Define कीजिये।

Goal को इस तरीके से Define करनेँ का Purpose आपके Duty के प्रति

जागरुकता को बढ़ाना।


उस कहानी का सार यही है कि सफलता प्राप्त कर लेना बड़ी बात नहीँ लेकिन

सफलता के बाद अपनेँ Duty पर गौर देना बड़ी बात है।


आज आप जो चाहते थे वो मिल गया मतलब आप अपनेँ Goal तक पहुँचकर Successful

बन गये लेकिन For example-

आपनेँ MBBS करके Doctor की Degree हासिल कर ली लेकिन पहले मरीजोँ की सेहत

को और खराब कर उनसे मोटी रकम लेना आपकी सोँच है या आप डिग्री लेकर सफल

होकर सिर्फ Income genrate कर रहे हैँ।

Inshort Doctor की Duty मरीजोँ का सेहत खराब कर Income लेना है या फिर

उनके सेहत को ठीक करना है।

आप Teacher बन गये लेकिन Students आपको सिर्फ कुर्सी तोड़नेँ वाला, फालतु

की बातेँ करनेँ वाला कहते हैँ तो आपका Teacher बनकर Successful होना और

Students को सही राह न दिखाना, Successful न होनेँ के बराबर ही है।

आप एक Police officer बन गये लेकिन सिवाय भ्रष्टाचार के आप जनता की सेवा

नहीँ कर रहे हैँ तो आप सफल होकर भी अपनी Duty को निभा रहे हैँ।


मैँ आपके सामनेँ ऐसे कितनेँ उदाहरण दे सकता हूँ जो अभी Successful तो बन

गये हैँ लेकिन उनकी Duty capacity power zero है।

तो ऐसी सफलता का होना या न होना क्या मतलब का रखती है।


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आज घर का एक बेटा बहूत बड़े Post मे है जैसे ही वो Office से घर आता है.

तो उसकी माँ उससे कहती है कि बेटा हाथ मुँह धो लो मैँ खाना लगा देती हूँ।

बेटा गुस्से मेँ माँ को बहूत गालियाँ देता है और बहूत कुछ सुना देता है।

Generally ऐसा बहुतोँ के साथ होता है।

जो माँ बचपन से आपको पालती आ रही है उसका अनादर क्या आपको शोभा देती है।

आप चाहे कितनेँ भी बड़े Post मेँ क्योँ न होँ लेकिन एक Parents की Duty और

एक अच्छे Child की Duty सबसे पहले Importance देती है।

आप Really मेँ तब Successful होँगे जब अपनेँ Duty के प्रति सजग होँगे।

मेरी नजर मेँ वह Successful नहीँ है जो अपनेँ Goal को achieve कर लिया

है. बल्कि मेरी नजर मेँ वो Successful है जो अपनी Duty को Honestly

Follow कर रहा है।



इस Article मेँ जितनेँ examples दिये गये हैँ ये सिर्फ उन्हीँ लोगोँ के

लिये नहीँ है बल्कि हर वो इँसान के लिये है जो Successful तो हो गये हैँ

लेकिन Successful होनेँ के बाद अपनेँ Duty को अच्छे से Follow नहीँ कर

रहे हैँ।

याद रखेँ कि आपका पहला कर्तव्य अपनेँ देश के लिये है उसके बाद दुनिया के लिये।

….

भारत के Public, peon, post man से लेकर Prime minister तक मैँ सबसे ये

कहना चाहूँगा कि सबसे पहला काम है अपनी Duty को देखना, अपनेँ कर्तव्य के

प्रति सजगता लाना।

कर्तव्य को ठीक से निभाने के बाद ही आप Successful कहलायेँगे।

मेरा मानना है कि सफलता तब तक छोटी रहेगी जब तक कि आप अपनेँ Duty की तरह

न निहार लेँ।

इसीलिए अपनेँ कर्तव्य पर नजरेँ गाड़ेँ तब जाकर ही आप Successful कहलायेँगे।

आपके परिवार वालोँ को आप जैसा संतान पानेँ पर कभी ये अफसोस न होना पड़े और

ईश्वर को भी कभी आपको बनाकर पछतावा न होनेँ पाये। इसीलिये ये सब तभी संभव

होँगे जब आप अपनी Duty को Honestly निभायेँगे उसके बाद ही आप सफलक

कहलायेँगे।…..

 

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