Michael Jordan Inspirational Story in Hindi

Michael Jordan Inspirational Story in Hindi

Michael Jeffrey Jordan  का जन्म 17 फरवरी 1963 को Brooklyn, New York में हुआ था। वे बहुत गरीब परिवार में पैदा हुए थे, उनके पेरेंट्स पर चार बच्चों की जिम्मेदारी थी। उनके माता-पिता घर चलाने में असमर्थ थे, क्योंकि उनके पिता की तनख्वाह 20 डॉलर महीने से भी कम थी। झोंपड पट्टी में पला बढ़ा माइकल बड़े सपने देखता था, और यही आशा करता था कि उसकी लाइफ भी बेहतर हो। जब Michael Jordan 13 वर्ष के हुए तब उनके पिता ने उन्हें अपने पास बुलाया और एक पुरानी-सी टी शर्ट की तरफ इशारा करते हुए कहा, बेटा माइकल! ये जो सामने टी शर्ट तुम देख रहे हो वह कितने की होगी?  पापा शायद 1 डॉलर, माइकल ने कहा।

जाओ इसे बाजार से 2 डॉलर का बेचकर आओ, पिता ने कहा और चुप हो गये। माइकल ने पिता से कोई सवाल नहीं किया, क्योंकि उनके घर की स्थिति बहुत ख़राब थी, खाने तक के लाले पड़े हुए थे। माइकल ने टी शर्ट लिया, उसे घर में अच्छी तरह से धोया, सुखाया और बढ़िया तरह से फोल्ड करके अगले दिन अपने नजदीक के रेलवे-स्टेशन पहुँच गया। 6-7 घंटों की कड़ी मेहनत के बाद वह टी शर्ट किसी व्यक्ति ने ख़रीदा। माइकल 2 डॉलर हाथ में पकड़े ख़ुशी के मारे भागते हुए अपने पिता के पास पहुंचा। उसके पिता यह देखकर बहुत खुश हुए। अब हर रोज पिता उसे ऐसी टी-शर्ट देते और माइकल उसे 2 डॉलर में बेचकर आते थे। 15 दिनों तक यह सिलसिला चलता रहा। एक दिन पिता ने माइकल को बुलाया और कहा, बेटे! तुम हर दिन ऐसी पुराणी टी शर्ट को 2 डॉलर में बेचकर आते हो। आज यही टी शर्ट तुम 20 डॉलर का बेचकर आओगे, तुम्हें 2 डॉलर नहीं बल्कि इसे 20 डॉलर का बेचना है।

यह सोचकर माइकल चौक गया, लेकिन उसनें यह नहीं सोचा कि यह संभव नहीं है, उसने यह सोचा कि इसे कैसे संभव बनाया जा सकता है।

उसनें टी शर्ट ली, धोया और उसे सुखाया, लेकिन इस बार क्योंकि अमाउंट बड़ा था इसलिए उसनें सोचा कि अपने प्रोडक्ट को वह कैसे बेहतर बना सकता है। टी शर्ट को वह अपने किसी दोस्त के पास लेकर गया और उस दोस्त की मदद से उसनें एक मिकी माउस की स्टीकर टी शर्ट पर किसी तरह से चिपका दी। मिकी माउस बच्चों का फेवरेट कार्टून था इसलिए वह उस टी शर्ट को पकड़कर एक ऐसे स्कूल के सामने खड़ा हो गया जहाँ अमीर बच्चे ही पढ़ते थे, एक बच्चे को वह टी शर्ट बहुत ज्यादा पसंद आई और उसनें 20 डॉलर में उसे खरीद लिया और 5 डॉलर बतौर टीप भी दिए।

इस बार 25 डॉलर लेकर वह अपने पिता के सामने खड़ा था, पिता ख़ुशी से झूम रहे थे क्योंकि 25 डॉलर उनके महीने की तनख्वाह से भी ज्यादा था। अगली सुबह पिता ने ठीक वैसा ही Use किया हुआ टी शर्ट माइकल को देते हुआ कहा कि अब इसे 200 डॉलर में तुम्हें बेचकर दिखाना है।

माइकल इतना बड़ा टारगेट सुनकर हिल गया लेकिन उसनें खुद पर भरोसा करना सीख लिया था, उसनें टी शर्ट उठाई और अपने कमरे में जाकर सोचने लगा कि 1 डॉलर के टी शर्ट को 200 डॉलर का कैसे बेचा जाए। तभी उसे पता चला कि Hollywood की सबसे खुबसूरत Actress, Farrah Fawcett उसके पास के शहर में आई हुई है। उसनें ट्रेन पकड़ा, कुछ पोस्टर्स बनाएं और Farrah Fawcett के सामने सिक्यूरिटी को तोड़ते हुए, भीड़ के बीचों बीच से गुजरकर पहुँच गया और उस खुबसूरत एक्ट्रेस से बोला, क्या आप इस टी शर्ट पर अपना ऑटोग्राफ दे सकती हैं? 13 साल के उस मासूम से बच्चे को देखकर वह मना नहीं कर पाई और ऑटोग्राफ दे दिया।

माइकल, टी शर्ट को लेकर पास के ही एक बड़े से बाजार में जा पहुंचा और जोर जोर से चिल्लाने लगा, सबसे खुबसूरत Actress, Farrah का ऑटोग्राफ किया हुआ टी शर्ट सिर्फ 200 डॉलर में। उसके पोस्टर को देखकर जिसमें उसनें सिर्फ 200 डॉलर में Farrah का ऑटोग्राफ किया हुआ टी शर्ट लिखा हुआ था और उसकी आवाज को सुनकर बहुत ज्यादा भीड़ इकठ्ठा हो गयी। वहां पर एक ऑक्शन शुरू हो गया। देखते ही देखते 200 डॉलर से उस टी शर्ट की दाम 2000 डॉलर तक पहुँच गयी और एक बड़े बिजनेसमैन ने 2000 डॉलर पर उस टी शर्ट को खरीद लिया।

इस बार 2000 डॉलर लिए माइकल अपने पिता के सामने खड़े थे। पिता के आँखों में ख़ुशी के आंसू थे। पिता ने माइकल से एक सवाल किया, बेटा! तुमने इतने दिनों तक क्या सीखा? माइकल ने कहा, पापा! “जहाँ चाह है वहां राह है।” पिता ने मुस्कुराते हुए कहा, तुम ठीक कह रहे हो लेकिन मैं तुम्हें कुछ और ही बताना चाहता हूँ, मेरा मकसद सिर्फ और सिर्फ यह था कि जब हम उस 1 डॉलर के पुराने कपड़े की कीमत बढ़ा सकते हैं, तो हम तो भगवान का सबसे बड़ा क्रिएशन हैं, एक इंसान हैं। हमारे अन्दर सोचने और विचार करने की क्षमता है तो फिर हम अपनी कीमत क्यों नहीं बढ़ा सकते!

इस कहानी से हम कुछ बड़ी बातें सीख सकते हैं :

  • शुरुआत में छोटे लक्ष्य बनाएं। जैसे-जैसे लेवल बढ़ता जाता है आपके अन्दर आत्मविश्वास भी बढ़ता जाता है।
  • नहीं होगा की जगह, कैसे होगा पर जोर दें। जब हम कैसे होगा के साथ शुरुआत करते हैं तब हमारा दिमाग उस काम को करने के हजार तरीके हमारे सामने रख देता है। खुद से प्रश्न करें, रास्ते मिलते जाएंगे।
  • अपनी कीमत कभी भी कम मत आंकिये। आपका जन्म कुछ बड़ा करने के लिए हुआ है, भले ही आप अभी 1 डॉलर वाले टी शर्ट की तरह हों लेकिन एक 2000 डॉलर वाले टी शर्ट का सफ़र आपको तय करना है।
  • आप कुछ भी कर सकते हैं, एक 13 साल का छोटा बच्चा, मन में कुछ ठानकर उसे पूरा करता है और बड़ा होकर बास्केटबाल का भगवान कहलाता है, गरीब होकर भी वह बहाने नहीं बनाता, जब वो कर सकता तब हम क्यों नहीं कर सकते, वह भी इन्सान ही है।
  • बड़े लक्ष्यों से न घबराएँ, जब कदम बढ़ते जाते हैं तब अपने आप ही हमारा विश्वास बढ़ते जाता है और हम लक्ष्य के नजदीक पहुँचते जाते हैं।

 

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धन्यवाद 🙂

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