जॉब सीकर की मानसिकता कब तक ?

Job Seeker Mindset Hindi – Kiran Sahu

बचपन से लेकर बड़े होने तक बड़ों के मुंह से बस एक ही बात सुनने को मिलती है, अच्छे से पढ़ लिख जाओ ताकि कहीं ढंग की नौकरी मिल जाए । बचपन से ही हमारे माइंड की कंडिशनिंग कुछ इस तरह की जाती है कि बड़े होने तक हम इस झूठ को सच मानने लगते हैं कि नौकरी ही सब कुछ है ।

आज पूरा विश्व कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है, इस बीच हमारे देश में लाखों लोगों ने अपनी नौकरी से हाथ धोया है और पुरे विश्व में करोड़ों लोग अपनी जॉब से निकाले गए हैं । अब बात आती है कि जिन लोगों ने अपनी नौकरी से हाथ धोया, वो अभी क्या कर रहे होंगे! आपको जानकार हैरानी होगी कि 90% से ज्यादा लोग किसी दूसरी नौकरी के तलाश में हैं और इनमें बहुत-से लोग ऐसे भी हैं जो अपनी बची हुई सेविंग्स में गुजारा कर रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं कि कब कोरोना का यह संकट दूर हो और उन्हें अपनी जॉब फिर से मिल सके ।

रिस्क न लेना सबसे बड़ा रिस्क है

लोगों को लगता है कि जॉब और बिजनेस की तुलना में जॉब में कोई रिस्क नहीं है, आराम से अपना काम करो, टाइम पर सैलरी पाओ, और धीरे-धीरे आपका ग्रोथ होता रहे । लोगों के अनुसार बिजनेस में रिस्क ज्यादा है, यदि फैल हुए तो लोग क्या कहेंगे! दुनिया हँसेगी, फंडिंग प्रॉब्लम, एक से बढ़कर एक चैलेंजेस, स्ट्रगल… बिजनेस में लोग बहुत सारे प्रॉब्लम्स गिनाने लगते और इसे एक बड़े रिस्क की तरह देखते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग रिस्क लेने से बचते हैं पर वो कहते हैं न “रिस्क न लेना सबसे बड़ा रिस्क है ।” यदि लोग थोड़ा-सा हिम्मत करके Out of the box सोचें तो वो अपनी सोच से कितना ज्यादा कर सकते हैं, इसका उन्हें अंदाजा भी नहीं होता ।

जरूर पढ़ें : सबसे बड़ा रिस्क Motivational Hindi Kahani

job seeker mindset hindi
job seeker mindset hindi

कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलें

जॉब करने वाले ज्यादातर लोग अपनी नौकरी से खुश नहीं होते, लेकिन वे इस बात से हमेशा खुश रहते हैं कि महीने के आखिर में उनकी सैलरी क्रेडिट होती है जिससे वे अपनी जरूरतें पूरी कर सकें, उनकी लाइफ जैसे चल रही होती है वो उसी के साथ समझौता कर लेते हैं । उन्हें लगने लगता है कि जो भी उनकी जिंदगी में चल रहा है सब सही है, लाइफ जैसे कट रही है कटने दो… यही कंफर्ट ज़ोन है । वे एक कदम भी आगे बढ़ाने के बारे में नहीं सोचते क्योंकि उन्होंने बचपन से ही यह सुन रखा होता है कि जॉब लगने के बाद लाइफ सेट हो जाती है । लेकिन अपने कंफर्ट ज़ोन से निकलकर कुछ ऐसा करना जिससे आप दूसरों के लिए जॉब के अवसर तैयार कर सकते हैं, ऐसी सोच आपको बहुत दूर तक लेकर जा सकती है ।

पेरेंट्स के लिए एक अनुरोध

सभी पेरेंट्स के लिए उनके बच्चे खास होते हैं, हर बच्चे में कुछ न कुछ खूबी जरूर होती है । आज टेक्नोलॉजी हर दिन बदल रही है, समय बदल रहा है और ऐसे में अब सोच को भी बदलने की बहुत ज्यादा जरूरत है । सभी पेरेंट्स से मैं यही कहना चाहूँगा कि अपने बच्चों को जॉब क्रियेटर बनने के लिए प्रोत्साहित कीजिए, उन्हें बताइए कि वो दूसरों को रोजगार देकर इस देश में एक बड़ा बदलाव ला सकता है । यदि आपकी वजह से किसी के घर में चूल्हा जल रहा है, आप किसी को रोजगार देकर देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं, भले ही आप दो लोगों को ही जॉब दे रहे हैं लेकिन उन दो लोगों के पीछे जो परिवार पल रहा है उनकी दुआएं भी आपको ही मिलेंगी ।

कुछ छोटा करने के लिए ये जिंदगी बहुत बड़ी है लेकिन कुछ बड़ा करने के लिए ये जिंदगी बहुत छोटी है ।

 

जीवन आसान नहीं होता, इसे आसान बनाना पड़ता है…

 

Job Seeker Mindset Hindi इस प्रकार के आर्टिकल्स का Regular अपडेट पाने के लिए hamarisafalta.com पर विज़िट करें ।

Thanks 🙂

Kiran Sahu